प्लॉटों के क्रय-विक्रय और नामांतरण पर रोक
शिवपुरी। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा शिवपुरी शहर में विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों के निर्माण के विरुद्ध लगातार कड़ी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में प्रशासन ने भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है।
शिवपुरी एसडीएम आनंद सिंह राजावत ने चार मामलों में अवैध कॉलोनाइजरों के विरुद्ध पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही, आम जनता के हितों की रक्षा के लिए इन सभी विवादित व अवैध कॉलोनियों के भू-खंडों (प्लॉट्स) के क्रय-विक्रय और नामांतरण पर आगामी आदेश तक पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके तहत ग्राम सिंहनिवास में सर्वे क्रमांक 2635/2/7, 2635/3/1, और 2637/1/1 (कुल रकबा 0.773 हेक्टेयर) पर अवैध कॉलोनाइजर अभिजीत सिंह भदौरिया पुत्र धर्मसिंह भदौरिया, सिंहनिवास ग्राम के सर्वे क्रमांक 1911/1 और 1912 पर अवैध कॉलोनाइजर सुमित श्रीवास्तव पुत्र स्व. रमेश श्रीवास्तव, साथ ही सिंहनिवास के ही सर्वे क्रमांक 2638/2/1 (रकबा 0.9749 हेक्टेयर) पर मुरैना निवासी अवैध कॉलोनाइजर कावेन्द्र पुत्र कप्तान सिंह यादव, तथा ग्राम नोहरीकला में राज रियल स्टेट डेवलपर्स लिमिटेड के प्रो. राजीव गुप्ता पुत्र रमेशचंद्र गुप्ता, निवासी हनुमान कॉलोनी ने सर्वे क्रमांक 644/1/1, 644/1/2, और 641 (कुल रकबा करीब 2.800 हेक्टेयर) पर नियमानुसार कॉलोनी विकसित नहीं की गई है। नियमों के उल्लंघन करने पर कालोनाइजरों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। कलेक्टर अर्पित वर्मा के दिशा-निर्देशों के तहत जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक बनें। किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले कॉलोनाइजर का लाइसेंस, भूमि का डायवर्सन, टीएंडसीपी से स्वीकृत नक्शा और विकास अनुमति संबंधी दस्तावेजों की भली-भांति जांच कर लें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बिना वैध अनुमतियों के काटी जा रही अवैध कॉलोनियों में भू-खंडों का नामांतरण (नामान्तरण) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और दोषियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।


