यूसीसी मसौदे को अगली कैबिनेट में मिलेगी मंजूरी
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश की आंगनबाड़ी व्यवस्था, पंचायतों की पारदर्शिता, जीएसटी सुधार और युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। सबसे बड़ा निर्णय यह रहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को मिलने वाले टेक होम राशन (टीएचआर) की जिम्मेदारी अब राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से वापस लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दी गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि राशन निर्माण का कार्य चयनित स्व-सहायता समूह ही करते रहेंगे, लेकिन अब पूरी व्यवस्था महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी में संचालित होगी। राशन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त मानक तय किए जाएंगे और उन्हीं के अनुरूप पैकेजिंग व आंगनबाड़ी केंद्रों तक आपूर्ति होगी। सरकार का दावा है कि इस बदलाव से बच्चों को बेहतर गुणवत्ता का पोषण आहार मिलेगा और वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी। कैबिनेट बैठक में यह भी तय हुआ कि 18 जुलाई को जगदीशपुर (पूर्व नाम इस्लाम नगर) में होने वाली विशेष कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदे को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद इसे 21 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को विधानसभा की तैयारियां पूरी रखने और हर प्रश्न का तथ्यात्मक उत्तर देने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंचायतों की ऑडिट व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। साथ ही पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सुविधा भी शुरू की गई, जिससे वित्तीय प्रक्रियाएं और अधिक आसान व जवाबदेह बनेंगी। कैबिनेट ने कई विभागों की योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी। सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता, वित्त विभाग की योजनाओं का विस्तार और समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए बैंकों को दी जाने वाली सरकारी गारंटी जारी रखने का भी निर्णय लिया गया। व्यापार जगत को राहत देने के लिए जीएसटी अपीलीय बोर्ड के गठन का फैसला किया गया। साथ ही इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया सरल करने का निर्णय लिया गया, जिससे विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है। कैबिनेट ने युवा वर्ष-2027 की तैयारियां शुरू करने का भी फैसला किया। दिसंबर 2026 तक युवाओं और आम नागरिकों से सुझाव लिए जाएंगे, जिनके आधार पर नई योजनाएं लागू की जाएंगी। वहीं, प्रदेशभर में व्यापक पौधरोपण अभियान चलाने और इंदौर में 21 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य को भी दोहराया गया। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने, पोषण व्यवस्था मजबूत करने और विकास योजनाओं को गति देना है।


