योजनाओं में सुस्ती पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन: उप संचालक समेत अधिकारियों को नोटिस, 7 दिन में मांगी प्रगति

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शिवपुरी। पशुपालन विभाग की योजनाओं के कमजोर क्रियान्वयन पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है। शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में योजनाओं की अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने विभाग के उप संचालक डॉ. एल.आर. शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही कम प्रगति वाले विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी नोटिस जारी कर सिर्फ एक सप्ताह में ठोस परिणाम प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम दिया। स्पष्ट चेतावनी दी गई कि निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में क्षीरधारा ग्राम योजना, हिरण्यगर्भा अभियान, दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना और आचार्य विद्यासागर योजना की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए स्थानीय अमले की नियमित मॉनिटरिंग, मैदानी निरीक्षण और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने उप संचालक को निर्देश दिए कि बदरवास, नरवर और खनियाधाना की गौशालाओं में विशेष दल गठित कर गौ-सत्यापन कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई हो। बैठक में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को टीकाकरण, पशु रोगों से बचाव, कृत्रिम गर्भाधान, सेक्स सॉर्टेड सीमन और आधुनिक पशुपालन तकनीकों की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। उप संचालक डॉ. एल.आर. शर्मा ने बताया कि गोरस नामक हिंदी मोबाइल ऐप के माध्यम से पशुपालक संतुलित आहार, कम लागत में अधिक दुग्ध उत्पादन और विभिन्न नस्लों के वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। कलेक्टर ने इस ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि तकनीक आधारित जानकारी से पशुपालकों की आय बढ़ाने और पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।

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