शिवपुरी। अंतर्राष्ट्रीय जानकी सेना संगठन ने मां जानकी प्राकट्योत्सव को मध्य प्रदेश में शासकीय स्तर पर घोषित किए जाने की मांग को लेकर अपना आंदोलन और तेज कर दिया है। शनिवार को कूनो के जंगल मार्ग पर 500 से अधिक जानकी सैनिकों ने हाथों में हाथ डालकर विशाल मानव श्रृंखला बनाई। अनुशासित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने आंदोलन को नई ऊर्जा दी और राहगीरों के साथ प्रशासन का भी ध्यान आकर्षित किया।
हाथों में बैनर और तख्तियां लिए जानकी सैनिकों ने प्रदेश एवं केंद्र सरकार से मां जानकी प्राकट्योत्सव को आधिकारिक मान्यता देने की मांग दोहराई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि माता जानकी त्याग, तपस्या, धैर्य और नारी गरिमा की सर्वोच्च प्रतीक हैं। उनके प्राकट्योत्सव को शासकीय स्तर पर घोषित करना भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के सम्मान का विषय है। उन्होंने बताया कि यह जनजागरण अभियान 14 चरणों की पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत लगातार जारी रहेगा। इधर, विजयपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध एवं सिद्ध छिमछिमा हनुमान जी दरबार में विश्व शांति, राष्ट्र कल्याण और जनमंगल की कामना के साथ 710वें भव्य सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। संगीतमय सुंदरकांड की चौपाइयों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ अनुष्ठान में सहभागिता निभाई। आयोजन के दौरान मां जानकी के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने तथा प्राकट्योत्सव को शासकीय मान्यता दिलाने के संकल्प को दोहराया गया। संगठन का कहना है कि सामाजिक जागरूकता और धार्मिक आस्था को साथ लेकर चल रहा यह अभियान आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेगा। मानव श्रृंखला और सुंदरकांड पाठ के माध्यम से संगठन ने यह संदेश दिया कि जनसमर्थन और आध्यात्मिक चेतना के बल पर मां जानकी प्राकट्योत्सव की मांग को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया जाएगा।


