शिवपुरी। पोहरी क्षेत्र में आदिवासी पट्टाधारियों की जमीन पर दोबारा कब्जा करना तीन दबंगों को महंगा पड़ गया। शिकायत मिलते ही एसडीएम पोहरी जेपी गुप्ता ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ जेल वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनजातीय समुदाय की जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दरअसल, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर हाल ही में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम अनभौरा में कार्रवाई करते हुए करीब 150 बीघा सरकारी पट्टे की जमीन, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपए है, दबंगों के कब्जे से मुक्त कराकर 64 आदिवासी पट्टाधारियों को सौंप दी थी। कार्रवाई के दौरान कब्जाधारियों से लिखित बाउंड ओवर भी भरवाया गया था कि वे भविष्य में दोबारा जमीन पर कब्जा नहीं करेंगे। इसके बावजूद दबंगों ने प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए फिर से जमीन पर कब्जा कर लिया। पीडि़त पट्टाधारियों की शिकायत पर एसडीएम जेपी गुप्ता ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अशोक कुमार पुत्र इंदर सिंह जाट, विनीत कुमार पुत्र जय सिंह जाट और जुगवीर पुत्र गजे सिंह जाट, सभी निवासी ग्राम अनभौरा, के खिलाफ जेल वारंट जारी करने के आदेश दिए। एसडीएम जेपी गुप्ता ने कहा कि कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनजातीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।


