खैर माफियाओं पर कोलारस वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, जंगल में चल रही अवैध कटाई का भंडाफोड़, 5 आरोपी दबोचे

MP DARPAN
0

शिवपुरी। कोलारस के जंगलों में खैर की अवैध कटाई का खेल आखिरकार कोलारस वन विभाग की सख्त कार्रवाई के आगे धराशायी हो गया। सामान्य वनमंडल शिवपुरी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर खैर माफिया के नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में अवैध खैर की लकड़ी, बोलेरो वाहन और पेट्रोल चालित आरा मशीन जब्त की गई है।

यह कार्रवाई संरक्षण खैरई उत्तर बीट के आरएफ क्रमांक-100 में 3 अगस्त की रात वन मण्डलाधिकारी सुधांशु यादव के निर्देशन, उप वनमण्डलाधिकारी आदित्य शांडिल्य के नेतृत्व तथा वन परिक्षेत्राधिकारी गोपाल सिंह की टीम ने की। लंबे समय से मिल रही सूचनाओं के आधार पर वन अमले ने जंगल में घेराबंदी की, जहां आरोपी अवैध कटाई में लगे हुए थे। मौके पर जांच के दौरान 33 खैर के पेड़ों के कटे हुए ठूंठ मिले। इनमें 22 ठूंठों के भीतर ही खैर की लकड़ी छिपाकर रखी गई थी, ताकि वन विभाग की नजर से बचते हुए बाद में उसे बाहर निकाला जा सके। आरोपियों की यह तरकीब मौके पर ही बेनकाब हो गई। वन विभाग ने महेंद्र यादव, अमन यादव, दीपक उर्फ दीपचंद सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर भारतीय वन अधिनियम-1927, मध्यप्रदेश वृक्ष संरक्षण (वनेतर) नियम-2022 तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की संबंधित धाराओं के तहत वन अपराध दर्ज किया है। जब्त वाहन, लकड़ी और मशीनरी को विभाग ने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वन अधिकारियों का कहना है कि खैर की अवैध कटाई केवल सरकारी संपत्ति की चोरी नहीं, बल्कि जंगलों की जैव विविधता और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर भी गंभीर हमला है। उप वनमण्डलाधिकारी आदित्य शांडिल्य ने स्पष्ट किया कि वन माफिया के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
To Top