350 स्कूलों के प्रभारियों से की वन-टू-वन चर्चा
शिवपुरी। जिले के सरकारी स्कूलों में नामांकन और अपार आईडी निर्माण की धीमी प्रगति पर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपना लिया है। शनिवार को शहर के हैप्पी डेज स्कूल में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी आकाश सिंह यादव और जिला परियोजना समन्वयक दफेदार सिंह सिकरवार ने शिवपुरी विकासखंड के करीब 350 प्राथमिक, माध्यमिक एवं हाईस्कूल-हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्रभारियों, जनशिक्षकों और जनशिक्षा केंद्र प्रभारियों के साथ मैराथन समीक्षा की।
बैठक में अधिकारियों ने प्रत्येक स्कूल की प्रगति की वन-टू-वन समीक्षा करते हुए चेतावनी दी कि निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए। जिन विद्यालयों में नामांकन और अपार आईडी निर्माण की प्रगति बेहद कमजोर पाई गई, उन्हें तीन दिन का अंतिम मौका दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित शाला प्रभारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान माध्यमिक विद्यालय मदकपुरा, हरिजन बस्ती सईसपुरा और पीएमश्री घोसीपुरा के प्रभारियों पर विशेष नाराजगी जताई गई। वहीं जिन विद्यालयों ने नामांकन, अपार आईडी, ओलंपियाड, चाइल्ड ट्रैकिंग, ड्रॉप बॉक्स और असाक्षर पंजीयन सहित सभी कार्य शत-प्रतिशत पूरे किए, उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया और अन्य स्कूलों को उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी गई। बैठक में जिला शिक्षा केंद्र के एपीसी उमेश करारे, मुकेश पाठक, नवपदस्थ बीआरसीसी अतर सिंह राजौरिया सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बीआरसीसी अतर सिंह राजौरिया ने विकासखंड की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि संचालन जनशिक्षक अरविंद सरैया ने किया और तकनीकी सहयोग एमआईएस कोऑर्डिनेटर हेमंत खटीक ने दिया। डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार ने जनशिक्षकों को महत्वपूर्ण शासकीय आदेशों की हार्ड कॉपी स्कूलों तक उपलब्ध कराने, प्रतिदिन समय पर घंटी बजाने, अभिभावकों से घर-घर संपर्क करने, बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, होमवर्क, सुलेख, स्वच्छता, प्रिंट-रिच वातावरण, प्रत्येक माह एसएमसी बैठक आयोजित करने तथा प्रवेश पंजी में जन्मतिथि शब्दों में भी दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


