सीता नवमी को मिले शासकीय मान्यता, शिवपुरी में गूंजी जानकी सेना की हुंकार

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मां जानकी सम्मान पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

शिवपुरी। सीता नवमी को माता जानकी प्राकट्य दिवस के रूप में शासकीय स्तर पर घोषित करने की मांग को लेकर अंतर्राष्ट्रीय जानकी सेना ने मंगलवार को शिवपुरी में भव्य मां जानकी सम्मान पदयात्रा निकाली। मां जानकी लव-कुश पार्क से शुरू हुई पदयात्रा में सैकड़ों जानकी सैनिक ध्वज लेकर अनुशासनबद्ध तरीके से शामिल हुए। प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा के दौरान माता जानकी के सम्मान में जानकी सेना मैदान में के जयकारों से शहर गूंज उठा। जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर पदयात्रा का स्वागत किया।

पदयात्रा कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां कलेक्टर अर्पित वर्मा की मौजूदगी में महिला इकाई की जिलाध्यक्ष अनुषा भटनागर ने ज्ञापन का वाचन किया। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से सीता नवमी को आधिकारिक रूप से माता जानकी प्राकट्य दिवस घोषित करने की मांग की गई। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत ने कहा कि माता जानकी का जीवन त्याग, स्वाभिमान, मर्यादा और नारी सम्मान का आदर्श है। यदि इस पर्व को शासकीय स्तर पर मनाया जाएगा तो नई पीढ़ी को उनके चरित्र और संस्कारों से जोडऩे का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि माता सीता के आदर्शों को जीवन में उतारने से नारी सम्मान बढ़ेगा और सामाजिक विसंगतियों पर अंकुश लगेगा। रावत ने बताया कि मांग को लेकर संगठन पहले ही शिवपुरी और भोपाल में प्रेस वार्ता कर चुका है तथा मुख्यमंत्री को भी मांग पत्र सौंप चुका है। संगठन ने सरकार से जल्द निर्णय की उम्मीद जताई। विक्रम सिंह रावत ने कहा कि जिस तरह राधा अष्टमी, हनुमान जयंती, महाशिवरात्रि और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को मान्यता मिली है, उसी तरह माता जानकी प्राकट्य दिवस को भी शासकीय मान्यता मिलनी चाहिए।

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