चना खाने वाले अब कमीशन खाने लगे हैं
शिवपुरी। राजनीति के पुराने खिलाड़ी और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह मंगलवार को शिवपुरी पहुंचे — और आते ही उन्होंने ऐसा राजनीतिक बम फोड़ा कि सत्ता गलियारों में हलचल मच गई।
उन्होंने मंच से साफ कहा कि भाजपा और आरएसएस अब भ्रष्टाचार की पार्टनर बन चुके हैं। प्रदेश में हर काम का रेट फिक्स है। ठेके से लेकर योजनाओं तक में कमीशन तय है। जनता की गाढ़ी कमाई पर अब भाजपा-आरएसएस की 50-50 पार्टनरशिप चल रही है। दिग्विजय सिंह ने आरएसएस की पुरानी छवि पर तंज कसते हुए कहा कि एक जमाना था जब संघ वाले चना खाकर प्रचार करते थे... अब वही लोग सरकारी ठेकों में हिस्सा बांट रहे हैं। ईमानदारी की बातें सिर्फ भाषणों में रह गई हैं। उन्होंने किसानों की दुर्दशा पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश में जंगलराज और किसानों का नरकराज चल रहा है। मक्का का समर्थन मूल्य 2400 तय है, लेकिन किसान 800 से 1700 में बेचने को मजबूर हैं। मोदी सरकार ने अमेरिका के दबाव में मक्का आयात शुरू कराया, ताकि विदेशी कंपनियों को फायदा मिले और हमारे किसानों को घाटा। दिग्विजय ने कहा कि अब चुनाव आयोग भी भाजपा के प्रभाव में काम कर रहा है। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर जनता का हक छीना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद आधार को पहचान के रूप में लागू नहीं किया जा रहा। वोट अब चोरी के युग में पहुँच चुका है। सिंधिया को निशाने पर लेते हुए दिग्विजय ने कहा कि जो कांग्रेस की गोद में पले-बढ़े, वही अब पद के लालच में विचारधारा छोड़ गए। जो कहते थे अतिथि शिक्षकों के लिए सड़क पर उतरेंगे, अब खुद सड़कों पर नजर नहीं आते। अंत में उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा ने भ्रष्टाचार को व्यवस्था नहीं, व्यवसाय बना दिया है। जनता का हक अब ठेकेदारों और नेताओं के बीच बंटवारे में चला जाता है।


