डीईओ बने बच्चों के शिक्षक, खुद पढ़वाई किताबें, पूछे गणित के सवाल, स्कूलों के शैक्षणिक स्तर पर जताई नाराजगी

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शिवपुरी। जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने शनिवार को शहर के कई स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परंपरागत निरीक्षण की बजाय शिक्षक बनकर बच्चों के बीच बैठकर उनकी किताबें पढ़वाईं और बोर्ड पर गणित के सवाल हल करवाए।

डीईओ श्रीवास्तव ने बच्चों की अभ्यास पुस्तिकाएं भी देखीं और वास्तविक शैक्षणिक स्तर का आकलन किया। हालांकि स्कूल संचालन व्यवस्था संतोषजनक मिली, लेकिन अधिकांश जगहों पर बच्चों का स्तर कक्षा अनुरूप नहीं पाया गया। जिस पर श्रीवास्तव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शिक्षकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ आरएमएसए एडीपीसी राजाबाबू आर्य और निरीक्षण प्रभारी उदय तोमर भी मौजूद रहे। डीईओ श्रीवास्तव ने कहा कि जिले के सभी स्कूलों में उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण निर्मित करना प्राथमिकता है। बच्चों का शैक्षणिक स्तर कक्षानुरूप बने, इसके लिए सतत मॉनीटरिंग जारी रहेगी।

मोहनीसागर से पुरानी शिवपुरी तक निरीक्षण

निरीक्षण का दायरा शहर के दोनों छोरों तक रहा। डीईओ श्रीवास्तव ने एकीकृत माध्यमिक विद्यालय मोहनीसागर, प्राथमिक विद्यालय सिद्धेश्वर, और एकीकृत मावि नीलगर चौराहा पुरानी शिवपुरी में शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि कक्षा में बहुशिक्षण पद्धति का उपयोग करें। प्रत्येक शिक्षक पाठ योजना के अनुसार तैयारी कर कक्षा में आएं। बच्चों को समूह आधारित गतिविधियों में शामिल करें। कक्षा का माहौल आनंदमय और सहभागिता पूर्ण बनाएं ताकि बच्चे पढ़ाई को रुचिकर दृष्टि से अपनाएं।

संकुल प्रभारियों की क्लास, वन-टू-वन चर्चा

इसी दिन डीईओ श्रीवास्तव ने उत्कृष्ट उमावि क्रमांक 1 के सभागार में जिले के सभी संकुल प्रभारियों की बैठक भी ली। उन्होंने वन-टू-वन चर्चा करते हुए एमपी टास्क छात्रवृत्ति योजना और सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण, न्यायालय, अनुकंपा, पेंशन एवं क्रमोन्नति प्रकरणों को समय सीमा में निपटाना, अपार आईडी और 3.0 पोर्टल से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा एवं परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। 

इनका कहना है 

हमारा लक्ष्य सिर्फ निरीक्षण नहीं, बल्कि सुधार है। स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रत्येक शिक्षक को जिम्मेदारी से योगदान देना होगा। बच्चों की सीखने की गति को समझकर ही शिक्षा में वास्तविक सुधार लाया जा सकता है।

विवेक श्रीवास्तव, डीईओ शिक्षा विभाग शिवपुरी 


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