दो आरोपी गिरफ्तार, एक कट्टा, दो बाइक और एक मोबाइल जब्त, अपने दोस्तों के साथ मिलकर भाई की गोली मारकर हत्या की थी और खुद को घायल दिखाकर पुलिस को किया गुमराह
शिवपुरी। पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले एवं एसडीओपी करैरा आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में नरवर पुलिस ने एक हत्या के जटिल प्रकरण का पर्दाफाश करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस वारदात में फरियादी ही हत्यारा निकला, जिसने अपने भाई की गोली मारकर हत्या की थी और खुद को घायल दिखाकर पुलिस को गुमराह किया।
नरवर टीआई विनय यादव के अनुसार, 29 सितंबर 2025 को फरियादी वीरेन्द्र कोली निवासी ग्राम कांकर ने घायल अवस्था में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पांच लोगों राजू कोली, ओमप्रकाश कोली, सुंदर कोली, मलखान कोली और मनीष कोली ने उसके भाई राजकिशोर कोली की हत्या कर दी और उसे भी पैर में गोली मार दी। इस पर थाना नरवर में अपराध क्रमांक 221/25 धारा 296, 103, 109, 126(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले, बल्कि फरियादी का व्यवहार ही संदिग्ध प्रतीत हुआ। तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों ने भी उसी की ओर इशारा किया। जब पुलिस ने वीरेन्द्र से कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपने भाई की हत्या स्वयं करने का अपराध स्वीकार कर लिया। जांच में सामने आया कि मृतक राजकिशोर जुआ और शराब का आदी था, जिसकी वजह से परिवार की पैतृक संपत्ति बिक गई थी। इसी बात से दोनों भाइयों में लगातार विवाद रहता था। इस रंजिश के चलते वीरेन्द्र ने अपने दोस्तों त्रिलोक रावत और राहुल रावत के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। घटना की रात 28 सितंबर को वीरेन्द्र ने अपने भाई को शराब पिलाई और नशे में धुत्त होने पर सुनसान जगह पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। शक से बचने के लिए उसने अपने साथी से खुद के पैर में भी गोली चलवा ली और पुराने विवाद वाले पांच ग्रामीणों के नाम झूठे आरोप में लिखवा दिए। पुलिस ने आरोपी वीरेन्द्र कोली और त्रिलोक रावत को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त 315 बोर का देशी कट्टा, दो मोटरसाइकिलें और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। उक्त कार्रवाई में नरवर निरीक्षक विनय यादव, उपनिरीक्षक जूली तोमर, अभिनव शर्मा, सउनि राधाकृष्ण बंजारा, प्रआर 689 बरिन्द्र सिंह, 225 गिरिजाशंकर सेन, 952 गौरव जाट, 778 रामवीर सिंह, 248 भोले सिंह, 400 परिमाल सिंह, 565 गजराज, 18 पवन पुरी, 815 माधी सिंह, 684 अजय गुर्जर, 914 अवधेश भारद्वाज, महिला आरक्षक 1088 कीर्ति मौर्य, आर चालक 942 राजबहादुर सिंह, 622 दीपक पुरोहित, 338 हरेन्द्र गुर्जर और 895 राधे जादौन की भूमिका उल्लेखनीय रही।


