डबरा। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के विरुद्ध की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। शहर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता महाराज सिंह राजौरिया (प्रदेश महामंत्री, अनु. विभाग) के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम एसडीएम डबरा को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा विधानसभा में औकात जैसे शब्दों का प्रयोग न केवल संवैधानिक पद की गरिमा के प्रतिकूल है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और आदिवासी समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला भी है। राजौरिया ने कहा कि उमंग सिंघार आदिवासी समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधि हैं। उनके प्रति ऐसी अमर्यादित भाषा पूरे समाज का अपमान है और यह संसदीय मर्यादाओं के विरुद्ध है। कांग्रेस ने मांग की कि संबंधित मंत्री के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने हेतु विधानसभा में कड़े प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यदि 7 दिवस के भीतर न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई, तो लोकतांत्रिक व संवैधानिक दायरे में रहकर जनआंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर पार्षद हरविंदर सिंह, सुमीत साहू, पं. विकास पाठक, कमलेश बाथम (विधायक प्रतिनिधि), मैहरवान रावत, गजेन्द्र सिंह राजौरिया, गंगाराम रजक, केदार सिंह कुशवाह, प्रेमदास जाटव, राजू जाटव, भगवानलाल कुशवाह, भूपेन्द्र जाटव, एवरन सिंह रावत सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।


