पिछोर में आंगनवाड़ी व्यवस्था बेपटरी, पोषण आहार बंद—जिम्मेदारों की लापरवाही से बच्चों का भविष्य खतरे में

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पिछोर (नीरज गुप्ता)। पिछोर क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। परियोजना अधिकारी कार्यालय की अनदेखी के चलते नगर सहित पूरे क्षेत्र में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार पूरी तरह ठप बताया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार अधिकांश केंद्र समय पर नहीं खुलते, न ही दर्ज बच्चों की वास्तविक संख्या मौके पर दिखाई देती है।

आरोप है कि बच्चों के नाम पर मिलने वाले पोषण आहार के बजट में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है। स्वयं सहायता समूहों द्वारा शासन से प्राप्त लाखों रुपये का पोषण आहार बच्चों तक पहुंचाने के बजाय हड़पने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं, वर्षों से पदस्थ अधिकारी न तो नियमित निरीक्षण करते हैं और न ही केंद्रों की स्थिति सुधारने में रुचि दिखा रहे हैं। स्थिति यह है कि संबंधित परियोजना अधिकारी अक्सर मुख्यालय से बाहर रहते हैं और कार्यालय भी कर्मचारियों के भरोसे संचालित हो रहा है। महीने में केवल बैठक या औपचारिक कार्यों के दौरान ही उनकी उपस्थिति दर्ज होती है। इसके अलावा, जिन आंगनवाड़ी केंद्रों को शासन के निर्देशानुसार स्वयं के भवनों में स्थानांतरित किया जाना था, वे आज भी किराए के भवनों में ही संचालित हो रहे हैं। बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पोषण आहार और प्रारंभिक शिक्षा दोनों ही नहीं मिल पा रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों के हक पर डाका डालने वालों पर अंकुश लग सके।

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