गुना। महावीरपुरा क्षेत्र में महिला चिकित्सक से मंगलसूत्र लूट की सनसनीखेज वारदात का गुना पुलिस ने महज तीन दिन में खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में एक युवक और एक महिला को गिरफ्तार कर लूटा गया मंगलसूत्र तथा वारदात में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल बरामद कर ली है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं सीएसपी प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में कोतवाली प्रभारी राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम द्वारा की गई।
जानकारी के अनुसार, डॉ. रश्मि दीक्षित उम्र 47 वर्ष निवासी महावीरपुरा ने 9 जून को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जून की रात भोजन के बाद वह ए.बी. रोड पर टहल रही थीं। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बदमाश उनके गले से सोने का मंगलसूत्र झपटकर फरार हो गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने, तकनीकी साक्ष्य जुटाने और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के बाद पुलिस ने 11 जून को शिवप्रताप उर्फ सीटी पारदी उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम बीलाखेड़ी, हाल हड्डीमील गुना को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपने तीन साथियों के साथ वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ दो बाइकों पर कुसमौदा से जयस्तंभ चौराहे की ओर जा रहा था। वंदना स्कूल के पास टहल रही महिला के गले में सोने का मंगलसूत्र देखकर उन्होंने वारदात को अंजाम दिया और बाद में मंगलसूत्र आपस में बांट लिया। शिवप्रताप की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल जब्त कर ली। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने अपने हिस्से के सोने के मोती और चेन बेचने के लिए जौराबाई पारदी, निवासी पटेलनगर कैंट, को दिए थे। पुलिस ने जौराबाई को भी गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 14 सोने के मोती और मंगलसूत्र की चेन के दो टुकड़े बरामद किए, जिनकी कीमत करीब एक लाख रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में कोतवाली टीआई राजकुमार शर्मा, उपनिरीक्षक चंचल तिवारी, प्रधान आरक्षक उमेश शर्मा, दीपक तोमर, रामकुमार रघुवंशी, आरक्षक शिवकुमार रघुवंशी, देवेंद्र नरूका, जितेंद्र वर्मा, महिला आरक्षक रश्मि सेन, श्यामसखी, प्रगति राजपूत, अनुराधा तथा साइबर सेल के नीलेश रघुवंशी, राजीव रघुवंशी, नवदीप अग्रवाल, संजय जाट, आदित्य सिंह कौरव और भूपेंद्र खटीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


