डीपीसी सिकरवार ने अफसरों-शिक्षकों को दिए सख्त निर्देश
शिवपुरी। शिक्षा विभाग अब स्कूल से बाहर रह गए बच्चों को हर हाल में मुख्यधारा से जोडऩे के अभियान में जुट गया है। जनपद पंचायत सभागार खनियाधाना में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला परियोजना समन्वयक दफेदार सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि एक भी पात्र बच्चा विद्यालय में प्रवेश से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों को गांव-गांव, वार्ड-वार्ड पहुंचकर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नामांकन, अपार आईडी, यू-डाइस प्रोग्रेशन, चाइल्ड ट्रैकिंग और साक्षर भारत अभियान की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। डीपीसी ने स्पष्ट किया कि अनुपस्थित विद्यार्थियों को दोबारा विद्यालय से जोडऩा सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से नियमित संपर्क बनाए रखने तथा प्रत्येक विद्यालय में आवश्यक अभिलेखों का अद्यतन संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए डीपीसी ने कहा कि विद्यालयों में नियमित प्रार्थना, आज का शुभ विचार, बाल कैबिनेट गठन और सभी शैक्षणिक गतिविधियां समयबद्ध संचालित हों। विद्यार्थियों को ओलंपियाड, एनएमएमएस और नवोदय प्रवेश परीक्षा की तैयारी अभी से कराने, प्रतिदिन श्रुतलेख-सुलेख अभ्यास, कॉपियों का समय पर मूल्यांकन और नियमित फेयर कार्य कराने के भी निर्देश दिए गए। मध्यान्ह भोजन योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी विद्यालयों में निर्धारित समय पर स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की हिदायत दी। बैठक में बीआरसी संजय भदोरिया, समस्त बीएसी, जन शिक्षक, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक तथा अशासकीय विद्यालयों के संचालक उपस्थित रहे। अंत में डीपीसी ने विकासखंड में किए जा रहे शैक्षणिक नवाचारों और प्रभावी मॉनिटरिंग की सराहना करते हुए सभी शिक्षकों से टीम भावना के साथ कार्य कर प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का आह्वान किया।


