शिवपुरी। पालतू जानवर सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा होते हैं। लेकिन जब यही बेजुबान रास्ता भटक जाते हैं, तो अपनी पहचान बताने में असमर्थ होने के कारण उनके मालिकों तक लौटना बेहद कठिन हो जाता है। इसी संवेदनशील समस्या का समाधान खोजते हुए शिवपुरी के दो युवाओं ने एक अभिनव तकनीकी पहल शुरू की है, जो अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
शिवपुरी के प्रतिभाशाली छात्र नमन नामदेव और उनके साथी अनुभव परते ने मिलकर एक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिसका नाम tailsinfo.com रखा गया है। इस वेबसाइट के माध्यम से पालतू जानवरों की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाती है और उसे एक क्यूआर कोड से जोड़ा जाता है। इस प्रणाली के तहत पालतू जानवर के गले में एक विशेष बैच या कॉलर लगाया जाता है, जिस पर क्यूआर कोड अंकित होता है। यदि कोई व्यक्ति किसी भटके हुए पालतू जानवर को पाता है, तो वह अपने मोबाइल से क्तक्र कोड स्कैन कर तुरंत उसके मालिक की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसमें मालिक का नाम, मोबाइल नंबर, पता, पालतू की नस्ल, उसके खाने की आदतें, मेडिकल हिस्ट्री और टीकाकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल रहती है। इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य खोए हुए पालतू जानवरों को शीघ्र और सुरक्षित रूप से उनके परिवार तक पहुंचाना है। अक्सर देखा जाता है कि पहचान न होने के कारण कई पालतू जानवर लंबे समय तक सड़कों पर भटकते रहते हैं या गुम हो जाते हैं, लेकिन यह डिजिटल पहल इस समस्या का प्रभावी समाधान साबित हो सकती है। गौरतलब है कि नमन नामदेव को इससे पहले भी उनके सामाजिक और नवाचार कार्यों के लिए जिला प्रशासन एवं प्रभारी मंत्री द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह नई पहल एक बार फिर उनकी रचनात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती है। दोनों युवाओं की यह कोशिश न केवल तकनीक के सही उपयोग का उदाहरण है, बल्कि यह भी साबित करती है कि संवेदनशील सोच और नवाचार के मेल से समाज की बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है। यह पहल आने वाले समय में पशु सुरक्षा और पहचान प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।


