दस्तक अभियान शुरू : 31 अगस्त तक घर-घर होगी बच्चों की जांच, ओआरएस, जिंक व आयरन सिरप मिलेगा

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शिवपुरी। जिले में पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को डायरिया, कुपोषण और अन्य मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए मंगलवार से दस्तक अभियान (प्रथम चरण) सह स्टॉप डायरिया कैम्पेन-2026 का शुभारंभ किया गया। वार्ड क्रमांक-24 स्थित महल सराय आंगनवाड़ी केंद्र पर जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव ने अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर, जिला कार्यक्रम अधिकारी डी.एस. जौदोन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रोहित भदकारिया सहित स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशन में 14 जुलाई से 31 अगस्त तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता 33 कार्यदिवसों तक घर-घर जाकर पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी। डायरिया, कुपोषण और अन्य बीमारियों से पीडि़त बच्चों की पहचान कर उनका उपचार कराया जाएगा, जबकि गंभीर मामलों को तत्काल उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा। अभियान के दौरान प्रत्येक बच्चे को दो ओआरएस पैकेट और 14 जिंक टैबलेट उपलब्ध कराई जाएंगी। छह माह से पाँच वर्ष तक के बच्चों को आयरन-फोलिक एसिड सिरप तथा नौ माह से पाँच वर्ष तक के बच्चों को आयु के अनुसार विटामिन-ए की खुराक भी दी जाएगी। गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए डीएसएस टूल का उपयोग किया जाएगा। जिले के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, संजीवनी क्लीनिक और आंगनवाड़ी केंद्रों पर ओआरएस-जिंक कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे। यहां बच्चों को नि:शुल्क उपचार के साथ अभिभावकों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, हाथ धोने की आदत तथा ओआरएस-जिंक के सही उपयोग की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है।

पोहरी में दस्तक अभियान शुरू, 31 अगस्त तक घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम

बच्चों को डायरिया, कुपोषण और मौसमी बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से जिलेभर में मंगलवार से 'दस्तक अभियान' शुरू हो गया। यह अभियान 31 अगस्त 2026 तक सभी विकासखंडों में चलाया जाएगा। पोहरी विकासखंड के ग्राम चकराना स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर बीएमओ डॉ. द्वारिका वर्मा ने अभियान का शुभारंभ किया। डॉ. वर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी और जरूरत के अनुसार ओआरएस के पैकेट, जिंक की गोलियां तथा पांच वर्ष तक के बच्चों को आयरन सिरप उपलब्ध कराएंगी। साथ ही डायरिया, एनीमिया और कुपोषण की पहचान कर समय पर उपचार एवं परामर्श भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर आवश्यक दवाओं और स्वास्थ्य सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है, ताकि किसी भी जरूरतमंद बच्चे को तत्काल लाभ मिल सके। अभियान के माध्यम से अभिभावकों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, हाथ धोने की आदत और बच्चों के पोषण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। शुभारंभ कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग का अमला, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं मौजूद रहीं। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अभियान में सहयोग करें और स्वास्थ्य टीम को बच्चों की जांच व उपचार में पूरा सहयोग दें।

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