शिवपुरी। पोहरी विधानसभा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित सरकुला मध्यम सिंचाई परियोजना की धीमी प्रगति को लेकर पूर्व विधायक एवं पूर्व राज्य मंत्री दर्जा प्रहलाद भारती ने भोपाल में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने परियोजना में कथित लापरवाही पर चिंता जताते हुए निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा कराने और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की।
ज्ञापन में भारती ने बताया कि परियोजना को 4 अक्टूबर 2018 को स्वीकृति मिली थी। इसे 42 माह में पूरा किया जाना था, लेकिन वन भूमि और पर्यावरणीय स्वीकृतियों में देरी के कारण निर्माण कार्य 23 अक्टूबर 2020 से शुरू हुआ। संशोधित समय-सीमा के अनुसार परियोजना 21 अगस्त 2026 तक पूरी होनी है, लेकिन वर्तमान स्थिति में आधा कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि डूब क्षेत्र की भूमि का अधिग्रहण अब तक लंबित है और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली अपेक्षित स्तर की नहीं है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो परियोजना का लाभ किसानों तक पहुंचने में और देरी होगी। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि वर्षा ऋतु के दौरान निर्माण कार्य सीमित रहने की स्थिति में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्राथमिकता से पूरी कराई जाए तथा शेष निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग कर उसे निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए। उनका कहना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने से पोहरी क्षेत्र के हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने ज्ञापन का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने और परियोजना की प्रगति की समीक्षा कर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।


