शिवपुरी। जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर रोक लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अर्पित वर्मा ने समस्त अभिभावकों के नाम खुला पत्र जारी कर जागरूकता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक बचपन ही समृद्ध समाज और विकसित राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव है।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि बच्चे देश की अमूल्य धरोहर हैं। उन्हें हिंसा, शोषण, बाल श्रम, उपेक्षा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवार और समाज यदि बच्चों को सुरक्षित एवं सकारात्मक माहौल देंगे, तभी वे आत्मनिर्भर और सशक्त नागरिक बन सकेंगे। उन्होंने बाल विवाह को बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य के अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि यह केवल सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि कानूनन दंडनीय अपराध भी है। इसके बावजूद जागरूकता की कमी के कारण कई स्थानों पर यह कुप्रथा अब भी जारी है। कलेक्टर ने बताया कि भारत सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश को बाल विवाह मुक्त बनाना है। इस अभियान की सफलता तभी संभव है, जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बाल विवाह का विरोध करे और इसकी सूचना तत्काल प्रशासन तक पहुंचाए। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे न स्वयं बाल विवाह करें और न ही अपने आसपास होने दें। यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 अथवा जिला कंट्रोल रूम 07492-356963 पर सूचना दें। कलेक्टर ने विश्वास जताया कि जिलेवासियों की सक्रिय भागीदारी से शिवपुरी को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य अवश्य हासिल होगा।


