लेखक: ✍️चंदा कुमारी पत्नी बिंदेश्वर कुमार, सेनानी (दूरसंचार) संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान शिवपुरी (म.प्र.)
नारी का सम्मान
नारी हमारे जीवन का आधार है। वह कभी माँ, कभी पत्नी, कभी बहन और कभी बेटी के रूप में हमारे जीवन को पूर्ण, सुंदर और सफल बनाती है। माँ के चरणों में स्वर्ग माना गया है, क्योंकि वही हमें जन्म देती है और निस्वार्थ भाव से हमारा पालन-पोषण करती है। पत्नी जीवन की सच्ची साथी होती है, जो हर सुख-दुःख में हमारा साथ निभाती है। बहन हमारे जीवन में स्नेह और अपनापन लाती है, तथा बेटी घर की रौनक और भविष्य की आशा होती है।
आज के आधुनिक युग में भी कुछ लोग नारी के वास्तविक महत्व को नहीं समझते और उसका सम्मान नहीं करते। यह उचित नहीं है। हमें प्रत्येक नारी का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि नारी के बिना जीवन और समाज की कल्पना ही नहीं की जा सकती। नारी के बिना न तो हमारा जन्म संभव है और न ही परिवार तथा समाज का विकास।
इसलिए हमें सदैव महिलाओं का आदर करना चाहिए, उन्हें समान अधिकार देना चाहिए तथा उनके सम्मान की रक्षा करनी चाहिए। याद रखें— "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः।" अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है।


