नशे को कहा ना, हुनर को मिली उड़ान, युवाओं ने रचनात्मक प्रतिभा से दिया विकसित भारत का संदेश

MP DARPAN
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शिवपुरी। नशे के खिलाफ जनजागरूकता को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से माय भारत (मेरा युवा भारत) द्वारा श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्टेडियम में आयोजित नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान युवाओं के उत्साह, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त मंच बन गया। गीत, नृत्य, नुक्कड़ नाटक, भाषण, चित्रकला और रील निर्माण के माध्यम से युवाओं ने एक स्वर में संदेश दिया- नशा नहीं, राष्ट्र निर्माण हमारी पहचान है।

कार्यक्रम का आयोजन माय भारत, शिवपुरी के जिला युवा अधिकारी अयंक कुहर के मार्गदर्शन में हुआ। जिला शिक्षा अधिकारी आकाश सिंह यादव मुख्य अतिथि तथा जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी डॉ. के.के. खरे विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों अधिकारियों ने युवाओं से शिक्षा, खेल, संस्कृति और नैतिक मूल्यों को अपनाकर नशामुक्त भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने लोक संगीत, समूह नृत्य, नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद, नारा लेखन, कविता लेखन, चित्रकला और रील निर्माण जैसी प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया। प्रतियोगिताओं में हैप्पी डेज़ विद्यालय ने समूह नृत्य, सान्दीपनि विद्यालय, शिवपुरी ने लोक संगीत, नंदेश्वर विद्यालय, खनियांधाना ने नुक्कड़ नाटक में प्रथम स्थान प्राप्त किया। सुश्री जोया जाफरी ने वाद-विवाद/भाषण, ज़ीशान-उल-हक़ ने नारा लेखन, अनस-उल-खान ने चित्रकला तथा सुश्री मंजरी शर्मा ने रील निर्माण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। अन्य उत्कृष्ट प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। आयोजन के दौरान नशा मुक्त भारत हस्ताक्षर अभियान और नशामुक्ति शपथ भी कराई गई। विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों और नागरिकों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और समाज को भी नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। अपने संबोधन में आकाश सिंह यादव ने कहा कि विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत जागरूक और नशामुक्त युवा शक्ति है। वहीं डॉ. के.के. खरे ने युवाओं को खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और सशक्त सोच ही उज्ज्वल भविष्य की नींव है।

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